व्रत कैलेंडर 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 के सभी प्रमुख व्रत और उपवास — एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष व्रत और संकष्टी चतुर्थी की सम्पूर्ण तिथियां
एकादशी व्रत 2026
Ekadashi Vrat 2026
वर्ष 2026 की सभी 24 एकादशी व्रत की तिथियां, पारण समय और महत्व। भगवान विष्णु की क...
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Purnima 2026
वर्ष 2026 की सभी 12 पूर्णिमा तिथियां और उनका धार्मिक महत्व। प्रत्येक माह की पूर्...
पूरी सूची देखें →अमावस्या 2026
Amavasya 2026
वर्ष 2026 की सभी 12 अमावस्या तिथियां। पितृ तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए अम...
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Pradosh Vrat 2026
वर्ष 2026 के सभी 24 प्रदोष व्रत की तिथियां। भगवान शिव की कृपा प्राप्ति हेतु त्रय...
पूरी सूची देखें →संकष्टी चतुर्थी 2026
Sankashti Chaturthi 2026
वर्ष 2026 की सभी 12 संकष्टी चतुर्थी तिथियां, चंद्रोदय समय और व्रत विधि। भगवान गण...
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सोमवार से रविवार तक सभी सात दिनों की व्रत कथा, पूजा विधि, सामग्री और मंत्र — सम्पूर्ण कथा हिंदी में पढ़ें या सुनें
व्रत कथा पढ़ें →व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में व्रत (उपवास) शरीर और मन दोनों की शुद्धि का साधन है। व्रत से आत्म-संयम बढ़ता है, शरीर स्वस्थ रहता है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। एकादशी भगवान विष्णु, प्रदोष भगवान शिव और संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत हैं। पूर्णिमा और अमावस्या के व्रत सार्वभौमिक पुण्य प्रदान करते हैं।
व्रत की सामान्य विधि
व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और संकल्प लें।
संबंधित देवता की पूजा-अर्चना करें, मंत्र जाप और कथा सुनें।
व्रत के नियमानुसार उपवास रखें — निर्जल या फलाहार।
पारण समय पर व्रत खोलें। दान-पुण्य करें।
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