संकष्टी चतुर्थी 2026
Sankashti Chaturthi 2026
वर्ष 2026 की सभी 12 संकष्टी चतुर्थी तिथियां, चंद्रोदय समय और व्रत विधि। भगवान गणेश की कृपा प्राप्ति हेतु कृष्ण पक्ष चतुर्थी को किया जाने वाला व्रत।
01 जनवरी 2026
Paush Sankashti Chaturthi
विघ्न-नाश और बुद्धि-लाभ। गणपति अथर्वशीर्ष पाठ करें।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 13 जनवरी मंगलवार | पौष संकष्टी चतुर्थी Paush Sankashti Chaturthi | पौष कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 20:45 | विघ्न-नाश और बुद्धि-लाभ। गणपति अथर्वशीर्ष पाठ करें। |
02 फरवरी 2026
Magh Sankashti Chaturthi
शिक्षा और ज्ञान में उन्नति। विद्यार्थियों के लिए विशेष।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 12 फ़रवरी गुरुवार | माघ संकष्टी चतुर्थी Magh Sankashti Chaturthi | माघ कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 21:15 | शिक्षा और ज्ञान में उन्नति। विद्यार्थियों के लिए विशेष। |
03 मार्च 2026
Phalguna Sankashti Chaturthi
संकटों से मुक्ति और नए कार्य का शुभारंभ।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 13 मार्च शुक्रवार | फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी Phalguna Sankashti Chaturthi | फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 21:30 | संकटों से मुक्ति और नए कार्य का शुभारंभ। |
04 अप्रैल 2026
Chaitra Sankashti Chaturthi
नव वर्ष की पहली संकष्टी। विशेष फलदायी।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 12 अप्रैल रविवार | चैत्र संकष्टी चतुर्थी Chaitra Sankashti Chaturthi | चैत्र कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 21:50 | नव वर्ष की पहली संकष्टी। विशेष फलदायी। |
05 मई 2026
Vaishakh Sankashti Chaturthi
धन-लाभ और व्यापार में सफलता हेतु।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 11 मई सोमवार | वैशाख संकष्टी चतुर्थी Vaishakh Sankashti Chaturthi | वैशाख कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 22:10 | धन-लाभ और व्यापार में सफलता हेतु। |
06 जून 2026
Jyeshtha Sankashti Chaturthi
रोग-नाश और स्वास्थ्य लाभ। संकट विनाशक गणेश स्तोत्र पाठ।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 10 जून बुधवार | ज्येष्ठ संकष्टी चतुर्थी Jyeshtha Sankashti Chaturthi | ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 22:25 | रोग-नाश और स्वास्थ्य लाभ। संकट विनाशक गणेश स्तोत्र पाठ। |
07 जुलाई 2026
Ashadha Sankashti Chaturthi
वर्षा ऋतु की पहली संकष्टी। कृषि और समृद्धि हेतु।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 9 जुलाई गुरुवार | आषाढ़ संकष्टी चतुर्थी Ashadha Sankashti Chaturthi | आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 22:15 | वर्षा ऋतु की पहली संकष्टी। कृषि और समृद्धि हेतु। |
08 अगस्त 2026
Shravana Sankashti Chaturthi
श्रावण मास में संकष्टी का विशेष महत्व।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 8 अगस्त शनिवार | श्रावण संकष्टी चतुर्थी Shravana Sankashti Chaturthi | श्रावण कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 21:45 | श्रावण मास में संकष्टी का विशेष महत्व। |
09 सितंबर 2026
Bhadrapada Sankashti Chaturthi
गणेश चतुर्थी के बाद की संकष्टी। गणपति कृपा विशेष।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 6 सितंबर रविवार | भाद्रपद संकष्टी चतुर्थी Bhadrapada Sankashti Chaturthi | भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 21:05 | गणेश चतुर्थी के बाद की संकष्टी। गणपति कृपा विशेष। |
10 अक्टूबर 2026
Ashwin Sankashti Chaturthi
नवरात्रि के बाद संकष्टी। शुभ फल प्राप्ति।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 6 अक्टूबर मंगलवार | अश्विन संकष्टी चतुर्थी Ashwin Sankashti Chaturthi | अश्विन कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 20:30 | नवरात्रि के बाद संकष्टी। शुभ फल प्राप्ति। |
11 नवंबर 2026
Kartik Sankashti Chaturthi
दीपावली के बाद संकष्टी। नए वर्ष की समृद्धि हेतु।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 4 नवंबर बुधवार | कार्तिक संकष्टी चतुर्थी Kartik Sankashti Chaturthi | कार्तिक कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 20:00 | दीपावली के बाद संकष्टी। नए वर्ष की समृद्धि हेतु। |
12 दिसंबर 2026
Margashirsha Sankashti Chaturthi
वर्ष की अंतिम संकष्टी। सम्पूर्ण वर्ष के पापों का नाश।
| तारीख | नाम | तिथि | पारण / समय | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 4 दिसंबर शुक्रवार | मार्गशीर्ष संकष्टी चतुर्थी Margashirsha Sankashti Chaturthi | मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्थी | चंद्रोदय: 19:45 | वर्ष की अंतिम संकष्टी। सम्पूर्ण वर्ष के पापों का नाश। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संकष्टी चतुर्थी क्या है?
संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत है जो हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। "संकष्टी" का अर्थ है "संकट को दूर करने वाला" — इस व्रत से सभी विघ्न दूर होते हैं।
संकष्टी चतुर्थी का व्रत कैसे रखें?
सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखें। गणपति की पूजा करें, गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें और तब व्रत खोलें। मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
मंगलवार की संकष्टी (अंगारकी चतुर्थी) का क्या विशेष महत्व है?
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो उसे "अंगारकी संकष्टी चतुर्थी" कहते हैं। यह सामान्य संकष्टी से 10 गुना अधिक फलदायी मानी जाती है।
नोट: ऊपर दी गई तिथियां भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार हैं। अपने शहर के अनुसार सूर्योदय-सूर्यास्त और तिथि में मामूली अंतर हो सकता है। कुल पुरोहित AI जल्द ही आपके शहर के अनुसार सटीक तिथि और समय बताएगा।
व्रत की याद और पूजा विधि चाहिए?
कुल पुरोहित AI — हर व्रत से एक दिन पहले अलर्ट, पूजा विधि और मंत्र
Waitlist में जुड़ें