🪔 चैत्र नवरात्रि 2026 चल रही है —
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आज का पंचांग
दैनिक पंचांग 2026 — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, शुभ मुहूर्त
दिल्ली (उत्तर भारतीय पंचांग)
आज का पंचांग लोड हो रहा है...
मासिक पंचांग
आगामी दिन
19 मार्च 2026 · गुरुवार चैत्र नवरात्रि प्रारम्भ
तिथि: शुक्ल प्रतिपदा नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद
राहुकाल
13:55 – 15:25
20 मार्च 2026 · शुक्रवार नवरात्रि दिन 2 — माँ ब्रह्मचारिणी
तिथि: शुक्ल द्वितीया नक्षत्र: रेवती
राहुकाल
10:52 – 12:22
21 मार्च 2026 · शनिवार नवरात्रि दिन 3 — माँ चंद्रघंटा
तिथि: शुक्ल तृतीया नक्षत्र: अश्विनी
राहुकाल
9:20 – 10:50
22 मार्च 2026 · रविवार नवरात्रि दिन 4 — माँ कुष्मांडा
तिथि: शुक्ल चतुर्थी नक्षत्र: भरणी
राहुकाल
16:59 – 18:29
23 मार्च 2026 · सोमवार नवरात्रि दिन 5 — माँ स्कंदमाता
तिथि: शुक्ल पंचमी नक्षत्र: कृत्तिका
राहुकाल
7:47 – 9:17
24 मार्च 2026 · मंगलवार नवरात्रि दिन 6 — माँ कात्यायनी
तिथि: शुक्ल षष्ठी नक्षत्र: रोहिणी
राहुकाल
15:30 – 17:00
25 मार्च 2026 · बुधवार नवरात्रि दिन 7 — माँ कालरात्रि
तिथि: शुक्ल सप्तमी नक्षत्र: मृगशिरा
राहुकाल
12:22 – 13:52
26 मार्च 2026 · गुरुवार नवरात्रि दिन 8 — माँ महागौरी
तिथि: शुक्ल अष्टमी नक्षत्र: आर्द्रा
राहुकाल
13:52 – 15:22
27 मार्च 2026 · शुक्रवार राम नवमी
तिथि: शुक्ल नवमी नक्षत्र: पुनर्वसु
राहुकाल
10:51 – 12:21
28 मार्च 2026 · शनिवार
तिथि: शुक्ल दशमी नक्षत्र: पुष्य
राहुकाल
9:20 – 10:50
29 मार्च 2026 · रविवार कामदा एकादशी
तिथि: शुक्ल एकादशी नक्षत्र: आश्लेषा
राहुकाल
16:57 – 18:32
30 मार्च 2026 · सोमवार प्रदोष व्रत
तिथि: शुक्ल द्वादशी नक्षत्र: मघा
राहुकाल
7:37 – 9:08
31 मार्च 2026 · मंगलवार
तिथि: शुक्ल त्रयोदशी नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी
राहुकाल
15:28 – 18:33
1 अप्रैल 2026 · बुधवार
तिथि: शुक्ल चतुर्दशी नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी
राहुकाल
12:19 – 13:49
पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू कालगणना की प्राचीन पद्धति है जो पाँच अंगों से मिलकर बनती है — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार।
पंचांग से शुभ मुहूर्त, राहुकाल, त्योहार, व्रत और ग्रह स्थिति जानी जाती है। कुल पुरोहित AI पर आपको दिल्ली के अनुसार सटीक दैनिक पंचांग मिलता है।
हर दिन की तिथि (चंद्रमा का दिवस), नक्षत्र (चंद्रमा की नक्षत्र स्थिति), राहुकाल (अशुभ समय), और अभिजित मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ शुभ समय) की जानकारी यहाँ उपलब्ध है।
हर सुबह पंचांग देखने की आदत बनाएं — शुभ कार्य शुभ समय पर करें।