साईं बाबा की आरती
आरती साईं बाबा
Aarti Sai Baba
आरती लिरिक्स
आरती साईं बाबा, सौख्यदातारा जीवा।
चरणरजतली ध्यावा, दासां विसावा भक्तां विसावा॥
आरती साईं बाबा॥
जालुनिय आनंग, स्वस्वरूपी राहे दंग।
मुमुक्षुजनां दावी, निजडोळा श्रीरंग॥
आरती साईं बाबा॥
जया मनी जैसा भाव, तया तैसा अनुभव।
दाविसी दयाघना, ऐसी तुझी ही माव॥
आरती साईं बाबा॥
तुमचे नाम ध्याता, हरे संस्कृती व्यथा।
अगाध तव करणी, मार्ग दाविसी अनाथां॥
आरती साईं बाबा॥
कलियुगी अवतारा, सगुण परब्रह्म साचारा।
अवतीर्ण झालासे, स्वामी दत्त दिगंबरा॥
आरती साईं बाबा॥
सबका मालिक एक है, साईं सबके दाता।
गुरुवार की पूजा करो, साईं विपत्ति हर्ता॥
आरती साईं बाबा॥
शिरडी में विराजे साईं, सबकी सुनते बाबा।
भक्तन को दर्शन देते, प्रेम से बुलावा॥
आरती साईं बाबा॥
साईं बाबा की आरती, जो कोई गावे।
श्रद्धा सबुरी से भजे, इच्छित फल पावे॥
आरती साईं बाबा॥
आरती का अर्थ एवं महत्व
शिरडी के साईं बाबा की यह आरती "सबका मालिक एक" के संदेश पर आधारित है। मूल आरती मराठी में है जिसे शिरडी मंदिर में प्रतिदिन गाया जाता है। साईं बाबा ने श्रद्धा और सबुरी (धैर्य) का संदेश दिया। गुरुवार को साईं पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
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